
कृष्णपाल देव खटकर
पामगढ़ आवागमन का साधन सड़क किसी भी क्षेत्र के विकास में अहम स्थान रखता है। आम नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं व्यापार मुहैया होता है किन्तु पामगढ़ व्हाया ससहा, जोंधरा,बलौदा बाजार रायपुर मुख्य मार्ग पर स्थित भवानी फ्यूल से डोंगाकोहरौद तक 5 किलोमीटर सड़क जर्जर एवं गड्ढों के चलते आवागमन बाधित होती रहती हैं। इस मार्ग पर डोंगाकोहरौद,भिलौनी,धनगांव, मेंकरी,जोरैला,कोसीर,हिर्री,सिर्री,ससहा,केसला,रोझनडीह ग्राम पंचायत एवं गांव स्थित हैं।जिनका पामगढ़ मुख्यालय पहुंचने का एक मात्र सड़क मार्ग है। इन सभी गांव के बच्चे शिक्षा के लिए स्कूल एवं कालेज पामगढ़ आते हैं। आपातकालीन चिकित्सा जैसे जचकी, दुर्घटनाग्रस्त मरीज एवं गंभीर आपातकालीन स्थिति में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ आना होता है। जिन्हें यह 5 किलोमीटर का सफर काफी दिक्कत के साथ भगवान भरोसे करना पड़ता है। चार जिलों जांजगीर चांपा, बिलासपुर, बलौदा बाजार होकर राजधानी रायपुर पहुंचने का सड़क मार्ग की दूरी भी कम होने के कारण लोगों का आना जाना लगा रहता है।उपरोक्त पामगढ़ क्षेत्र के गांव के जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों को प्रशासनिक कार्य, कोर्ट कचहरी के काम के लिए पामगढ़ आना होता है। इस मार्ग पर भारी वाहन भी नियम कानून से परे चल रहे हैं। ऐसी स्थिति में आम नागरिक अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने पर मजबूर हैं। शायद शासन प्रशासन को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है।

नागरिकों के उद्देलित होने पर सड़क के गड्ढों को गिट्टी से भरकर सड़क विभाग अपना कर्तव्य निर्वहन कर लेता है जो कि एक दिन बारिश होने पर पुनः गड्ढे में तब्दील हो जाता है। मरम्मत के नाम पर लाखों खर्च के बावजूद ग्रामीण जन भगवान भरोसे इस सड़क मार्ग पर सफर करने पर विवश हैं। पता नहीं कब शासन प्रशासन स्थायी समाधान कर पायेगी।तब तक जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों को विभागीय अधिकारियों एवं नेताओं के समक्ष
अपनी समस्याएं बताते रहना है।जो कि उनके संज्ञान में है।