
राजेंद्र सोनी
बिलासपुर न्यायधानी में ब्रांडेड सामानों के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े के नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें डुप्लीकेट ‘गोल्ड फ्लैक’ ब्रांड की सिगरेट खपाई जा रही थी। इस अवैध कारोबार ने सिगरेट पीने वालों और आम जनता के स्वास्थ्य को खतरे में डाल दिया है। मामले में संचालक को गिरफ्तार किया गया है और लाखों का माल जब्त किया गया है।
दिल्ली से आई आईटीसी कंपनी की टीम ने व्यापार विहार के मालधक्का क्षेत्र में इस अवैध धंधे का भंडाफोड़ करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। टीम को पहले से बिलासपुर में नकली सिगरेट बिकने की सूचना मिल रही थी। इसी आधार पर टीम के सदस्यों ने शहर पहुंचकर अलग-अलग पान ठेलों व दुकानों से सिगरेट के सैंपल एकत्र किए। जांच में स्पष्ट हुआ कि बाजार में बिक रही सिगरेट असली नहीं थी।
इसके बाद, टीम ने ग्राहक बनकर सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया। संपर्क करने पर उन्हें महाराणा प्रताप चौक के पास निगम कॉलोनी बुलाया गया, जहां से थोक स्तर पर सिगरेट की आपूर्ति की जा रही थी। यहां पहुंचकर टीम ने रोशन चंदानी की फर्म में रखे माल की जांच की, जिसमें पूरा स्टॉक नकली पाया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 5 लाख रुपए कीमत की चार कार्टून सिगरेट जब्त की गई। बताया गया कि आरोपी कारोबारी शहर के कई छोटे-बड़े दुकानदारों को थोक में यह सिगरेट सप्लाई कर रहा था।
कार्रवाई के बाद टीम ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी और जब्त माल सुपुर्द किया। जानकारी के अनुसार, नकली सिगरेट का यह कारोबार प्रतिदिन 2 लाख रुपए से अधिक का हो सकता है। असली और नकली सिगरेट में अंतर पैकेजिंग की प्रिंटिंग, होलोग्राम, कोड, सिगरेट की बनावट और स्वाद से पहचाना जाता है।