
राजेंद्र सोनी
बिलासपुर सेवा सहकारी समिति मर्यादित जयरामनगर में 19 लाख 64 हजार रुपए के गबन का मामला जांच के बाद सामने आया है। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, समिति के दो खातों—सेविंग खाता क्रमांक 606007042354 और रिवाल्विंग खाता क्रमांक 106003870399—से कुल 13 बार में राशि निकाली गई। यह निकासी 15 दिसंबर 2025 से 03 मार्च 2026 के बीच हुई, जिससे कुल 19.64 लाख रुपए के गबन की पुष्टि हुई है।
जांच में सामने आया कि सेविंग खाते से पांच बार में राशि निकाली गई।
15 दिसंबर 2025 को पहली बार प्रभारी प्रबंधक संतोष आनंद द्वारा 22 माह के लंबित वेतन के नाम पर दो बार में 1.76 लाख और 1.54 लाख रुपए आहरित किए गए। बाद में डनेज, सूतली, ईंट-भूंसी और भवन मरम्मत के नाम पर भी राशि निकाली गई, जबकि 24 फरवरी 2026 को बिना किसी कार्यवाही के 40 हजार रुपए आहरित हुए।
रिवाल्विंग खाते से आठ बार में आहरण हुआ।
इसकी पहली निकासी 30 दिसंबर 2025 को 1.30 लाख रुपए की हुई। 03 जनवरी 2026 को दो बार में 2.80 लाख रुपए अज्ञात खाते में ट्रांसफर और 1.40 लाख रुपए नगद निकाले गए। धान खरीदी प्रभारी विरेन्द्र टंडन को 69,490 क्विंटल धान के परिवहन में शून्य शॉर्टेज के बावजूद केवल 1.63 लाख रुपए प्रारंभिक भंडारण व्यय मिला, जबकि बाकी राशि खातों से निकालकर अन्यत्र भुगतान कर दी गई।
सहकारिता विस्तार अधिकारी श्रीमती गोधुली वर्मा ने इसे आर्थिक अपराध मानते हुए 19.64 लाख रुपए की वसूली या एफआईआर दर्ज करने और प्रभारी प्रबंधक संतोष आनंद की तत्काल बर्खास्तगी की सिफारिश की है। उप आयुक्त सहकारिता ने 20 अप्रैल 2026 को प्राधिकृत अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश जारी कर दिए हैं।