
पटवारी पर फावती व पर्ची अलग करने के लिए किसानों से अवैध वसूली का आरोप, जांच जारी।
राजेंद्र सोनी
मस्तूरी पचपेड़ी तहसील के गिधपुरी और बहतरा क्षेत्रों में पटवारी हरिश चंद ओगरे पर किसानों से फावती और पर्ची अलग करने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगा है। किसानों का कहना है कि पटवारी उनसे काम के बदले रुपए की मांग कर रहे हैं। बहतरा निवासी किसान किशुन रजक ने बताया कि फावती के काम के लिए पटवारी ने उनसे 6 हजार रुपए मांगे, जिसमें से उन्होंने 1 हजार रुपए नकद दिए। किशुन को अपनी जमीन की पर्ची अलग करानी थी, क्योंकि हिस्से बेचे जाने के बावजूद रेकॉर्ड में सभी भाइयों के नाम दर्ज थे। आदिवासी किसान सोभिन्द सिंह नेताम ने भी बताया कि पटवारी ने उनसे फावती के लिए 7 हजार रुपए लिए और अब उनके तीन भाइयों की पर्ची अलग कराने के लिए 21 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं।
पटवारी हरिश चंद ओगरे के खिलाफ पूर्व में भी शिकायत हुई थी,
लेकिन ऊंची पहुंच के कारण वापस करा ली गई थी। एसडीएम मस्तूरी शिव कुमार कंवर ने कहा कि किसानों के साथ गलत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पचपेड़ी तहसीलदार नीलम पिस्दा ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। पटवारी ओगरे ने बताया कि नाम सुधार का शुल्क लगता है, लेकिन राशि पूछने पर उन्होंने फोन काट दिया।