
लाखों के घोटाले में आरोप लगाने वाला प्रबंधक जमानत पर रिहा, पुनः पदस्थ। सहकारिता विभाग पर उठे सवाल।
राजेंद्र सोनी
बिलासपुर जिले के मस्तूरी स्थित गतौरा धान खरीदी केंद्र में लगभग 28 लाख का एक घोटाला सामने आया था। सहकारिता विभाग, बिलासपुर ने कार्रवाई करते हुए प्रबंधक कोमल चंद्राकर और दो अन्य के खिलाफ मस्तूरी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में दो लोगों को जेल भेजा गया, जबकि एक अब भी फरार है। कोमल चंद्राकर, जो गतौरा के साथ दर्रीघाट धान खरीदी केंद्र का भी प्रबंधक है,
भ्रष्टाचार के आरोप में जेल गया था।
जमानत पर रिहा होने के बाद उसे विभाग में पुनः पदस्थ कर दिया गया है। विभागीय जांच जारी होने के बावजूद पद पर बहाली से सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। कर्रा के किसानों ने भी कोमल चंद्राकर पर बिना जानकारी के उनके सीसी खातों में दोहरा कर्ज चढ़ाने की शिकायत की है। दर्रीघाट में दो प्रबंधक होने से किसान असमंजस में हैं। पूर्व में भी किसानों के खातों में अतिरिक्त खाद का कर्ज चढ़ाने का आरोप लगा था। आरोप है कि पद पर रहते हुए कोमल चंद्राकर जांच को प्रभावित कर सकते हैं।