
राजेंद्र सोनी
बलौदाबाजार. जिले के बाघमारा क्षेत्र में देश की चौथी बड़ी गोल्ड माइंस की तैयारी तेज हो गई है। शुरूआती सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, यहां करीब 2700 किलो सोने का भंडार होने की पुष्टि हुई है। भारत में सोने के आयात पर बढ़ती निर्भरता और वैश्विक हालात को देखते हुए यह परियोजना काफी अहम मानी जा रही है।
अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा के लिए अहम परियोजना, दो साल में शुरू होगा खनन; वेदांता कर रहा ड्रिलिंग।
इसे देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार के लिए भी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, अगले दो वर्षों में यहां सोना खनन शुरू हो सकता है। फिलहाल, वेदांता ग्रुप बाघमारा गोल्ड माइंस क्षेत्र में डीप ड्रिलिंग और एक्सप्लोरेशन का काम कर रहा है। करीब 500 मीटर गहराई तक ड्रिलिंग की जा रही है। विशेषज्ञों की टीम 50 से अधिक ड्रिलिंग होल्स से सैंपल निकाल रही है, जिन्हें लैब जांच के लिए भेजा जा रहा है। इसका उद्देश्य सोने की मात्रा और गहराई का पता लगाना है। ड्रिलिंग के दौरान निकले सिलेंडर आकार के पत्थरों में सोने के कण स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। यह पूरा क्षेत्र करीब 603 हेक्टेयर में फैला हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्लोरेशन पूरा होने के बाद यहां बड़े स्तर पर खनन शुरू किया जाएगा। स्थानीय लोगों में भी इस परियोजना को लेकर उत्सुकता बढ़ी है।