September 10, 2026

प्रेम विवाह पर बहिष्कार: जिंदा का मृत्यु भोज कराया …

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झेरियानामा प्रजापति कुंभकार समाज के पदाधिकारियों पर मानवाधिकार हनन का आरोप, कलेक्टर से न्याय की गुहार।

बिलासपुर  जिले में अंतरजातीय प्रेम विवाह करने वाले सात जोड़ों ने समानांतर सामाजिक अदालत चलाकर
मानवाधिकारों का हनन करने वाले झेरियानामा प्रजापति कुंभकार समाज रतनपुर राज के पदाधिकारियों के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित जोड़ों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर बताया कि समाज के पदाधिकारियों ने उन्हें वर्षों से सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर रखा है।

हद तो तब हो गई जब चार पीड़ितों के
जीवित रहते ही उनका मृत्यु भोज संपन्न करा दिया गया।

पीड़ितों ने बताया कि रतनपुर राज के 13 नामजद
पदाधिकारियों ने बिलासपुर, कोरबा और कवर्धा क्षेत्र के सात जोड़ों को समाज से बाहर कर दिया है।

समाज के मुखियाओं ने पीड़ितों के परिवारों पर भारी मानसिक दबाव बनाकर उनसे अवैध रूप से मोटी रकम सामाजिक दंड के रूप में वसूल की।

अवैध वसूली के बाद पीड़ितों के माता-पिता और स्वजन को तो दोबारा समाज में शामिल कर लिया, लेकिन विवाह करने वाले जोड़ों का हुक्का-पानी आज भी बंद है। ग्राम घुटकू कोनी निवासी सोमेश प्रजापति ने वर्ष 2016 में दीप्ति पटेल से विवाह किया था।

उनके जीवित रहते ही पदाधिकारियों ने परिवार से जबरन मृत्यु भोज कराया।

मस्तूरी निवासी हरिशंकर प्रजापति और सिविल लाइन बिलासपुर निवासी रोशन प्रजापति के मामलों में भी ऐसी ही प्रताड़ना की गई। पोड़ी पाली निवासी अशोक कुमार और मस्तूरी के मनोज कुमार अमोरा वाले भी 11-12 साल पुराने विवाह मामलों में आज भी बहिष्कार झेल रहे हैं। कोरबा पाली निवासी शिव कुमार ने 2022 में रुखमणी साहू से विवाह किया, उन्हें 10 मई को हुई बैठक में दुत्कारा गया। पीड़ित जोड़ों ने बिलासपुर कलेक्टर से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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