
कोरबा जश्न रिसोर्ट में पितृमोक्ष गयाश्राद्धांतर्गत मातनहेलिया परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का चौथा दिन बड़े उल्लास के साथ मनाया गया। कथा वाचक पंडित विजय शंकर मेहता ने भगवान श्रीकृष्ण एवं श्रीराम की बाल लीलाओं, गजेंद्रमोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार एवं सिंहासन प्राप्ति की कथाओं का वर्णन किया। उन्होंने विशेष रूप से कृष्ण-यशोदा की बाल सुलभ लीलाओं का जीवंत वर्णन कर श्रोतागण झूम उठे। कृष्ण के जन्म के समय मां देवकी व यशोदा के वात्सल्य का जिक्र कर बताया कि मां की लात मारने जैसी बाल लीलाएं भी मां के प्रेम का प्रतीक हैं। दुनिया में मां से बड़ा कोई नहीं एवं सेवा का पुण्य भी सबसे बड़ा है। कथा में शुकदेव की परीक्षित को सुनाई रामकथा का भी उल्लेख किया गया, जिसमें भगवान राम, कृष्ण के जीवन आदर्श, प्रेम की मिसाल हैं। पंडित मेहता ने कहा कि हमारा जीवन समुद्र मंथन जैसे संघर्षों से भरा है, जिसमें सफलता पाने के लिए संघर्ष जरूरी है। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर रात को भक्तों ने उल्लास के साथ कृष्ण की झांकी का आनंद लिया, फूलों की बारिश के साथ आतिशबाजी हुई। बालकृष्ण की मटकों फोड़ने और मक्खन खाने की मस्ती देखकर उपस्थित श्रोता भी झूम उठे।