
मस्तूरी राशि स्टील एंड पावर प्लांट की लापरवाही से आसपास के ग्रामीण गंभीर परेशानी झेल रहे हैं। आरोप है कि प्लांट प्रबंधन लगातार जहरीला वेस्टेज लीलागर नदी में छोड़ रहा है, जिससे नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है और ग्रामीण गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
प्लांट के खिलाफ प्रभावित गांव पाराघाट, भनेसर एवं बेलटुकरी के जनप्रतिनिधि मैदान में उतर आए हैं। हाल ही में की गई शिकायत में बताया गया कि प्लांट न केवल जहरीला वेस्टेज नदी में डाल रहा है बल्कि नदी के पानी का भरपूर उपयोग भी कर रहा है। साथ ही, बिना जनसुनवाई के कॉलवासरी खोला गया है। जनप्रतिनिधियों ने तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के बाद प्लांट की ओर से लगे पंप को हटाया जा रहा था, तभी ग्रामीण मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया और पर्यावरण तथा जल संसाधन विभाग को सूचना दी। इसके बाद पर्यावरण विभाग की टीम ने जांच कर पंचनामा तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा। कुछ घंटों बाद जल संसाधन विभाग की टीम भी जांच के लिए पहुंची। जांच के दौरान पाया गया कि प्लांट के पास नदी के पानी के उपयोग के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं।
जांच के बीच ही प्लांट का एक कर्मचारी धुआं उड़ाते हुए नजर आया। ग्रामीणों का कहना है कि यह धुआं भी प्रदूषण का सबूत है और प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। फिलहाल, विभागों की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई तय होगी, लेकिन ग्रामीणों की नाराजगी और विरोध तेज होता जा रहा है।