
राजेंद्र सोनी
मस्तूरी समीपस्त सेवा सहकारी समिति मर्यादित गतौरा में धान खरीदी केंद्र में हुए बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। जिले के मस्तुरी थाना क्षेत्र के इस केंद्र में हेर-फेर कर 919.96 क्विंटल धान की गबन का मामला प्रकाश में आया है, जिसकी कीमत लगभग 28.51 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। गिरफ्तार व्यक्तियों में समिति के प्रबंधक कोमल प्रसाद चंद्रकार, प्राधिकृत अध्यक्ष राजेन्द्र राठौर और धान खरीदी प्रभारी हुलेश्वर धीरही शामिल हैं। इन तीनों पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर धान के उपार्जन में हेर-फेर की और सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मस्तुरी, बिलासपुर ने थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि गतौरा के धान खरीदी केंद्र का संचालन नियमों का उल्लंघन कर किया जा रहा है। समिति के प्रबंधक, अध्यक्ष, खरीदी प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर ने मिलकर धान का सही रिकॉर्ड न रखकर धान की संख्या में हेर-फेर की। संयुक्त जांच दल द्वारा की गई भौतिक सत्यापन में पाया गया कि 919.96 क्विंटल धान की उपस्थिति में कमी पाई गई, जिससे सरकार को 28 लाख 51 हजार रुपये की आर्थिक क्षति पहुंची है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों को दबिश देकर हिरासत में लिया और पूछताछ की। जांच में आरोपियों ने अपने जुर्म को स्वीकार किया।
तत्पश्चात 3 अप्रैल 2026 को आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से संबंधित मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।